रोजगार और उद्योग को जोड़ने के लिए हर जनपद में बनेंगे ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’

Sardar Vallabhbhai Patel Employment and Skill Development Centers

Sardar Vallabhbhai Patel Employment and Skill Development Centers

उद्योग के साथ कौशल और प्लेसमेंट: मुख्यमंत्री ने ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ की कार्ययोजना को दी सैद्धांतिक मंजूरी

प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़  में विकसित होगा ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’

उत्तर प्रदेश को 'एम्प्लॉयमेंट हब' बनाने की दिशा में नई पहल, मुख्यमंत्री का निर्देश, सरदार पटेल इंडस्ट्रियल जोन के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की जाए

प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, एम्प्लायमेंट जोन में होगा स्किल सेंटर और एमएसएमई का समन्वय

लखनऊ, 16 जनवरी: Sardar Vallabhbhai Patel Employment and Skill Development Centers: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने की दिशा में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ की विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को केवल निवेश का गंतव्य नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता का केंद्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह मॉडल जमीनी स्तर पर युवाओं को अवसर देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बने।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विकसित होने वाला यह जोन इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल और एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में कार्य करे, जहां उद्योग, प्रशिक्षण और सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित होने के साथ-साथ युवाओं को प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और उद्यमिता से जोड़ना इस परियोजना का मूल उद्देश्य है।

बैठक में बताया गया कि योजना के तहत प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल में ज़ोन विकसित किया जाएगा। हर ज़ोन में जी+3 भवन में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’ स्थापित किया जाएगा, जो रोजगार, प्रशिक्षण और कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में कार्य करेगा।

बैठक में अवगत कराया गया कि रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र में ओडीओपी उत्पादों के लिए डिस्प्ले जोन, प्रशिक्षण हॉल, मीटिंग सुविधाएं, जिला उद्योग केंद्र, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, जिला रोजगार कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर और बैंकिंग सुविधा आदि शामिल होंगे। यह केंद्र युवाओं और उद्यमियों के लिए वन-स्टॉप सपोर्ट सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि औद्योगिक जोन का डिजाइन प्लग एंड प्ले मॉडल पर आधारित होगा। इससे एमएसएमई सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उद्योगों को तुरंत संचालन की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जोन के साथ स्किलिंग, हैंडहोल्डिंग और प्लेसमेंट सेवाओं को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सेवा और उद्योग क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, कौशल उन्नयन, रोजगार मेलों, उद्यमिता प्रशिक्षण और मेंटरिंग के माध्यम से युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सभी जिलों में आवश्यक भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ओडीओपी, एमएसएमई और कौशल विकास योजनाओं के साथ समन्वय बनाकर लागू की जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों, उद्योगों और युवाओं को एक साझा मंच मिले। उन्होंने नियमित समीक्षा, स्पष्ट टाइमलाइन और जमीनी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा और उत्तर प्रदेश को रोजगार-आधारित विकास मॉडल के राष्ट्रीय उदाहरण के रूप में स्थापित करेगा।